आखिर इजरायल और फिलिस्तीन के बीच क्यों हो रहा है युद्ध आपको बताएंगे क्या है इसका इतिहास

हमारी यह धरती बहुत बड़ी है लगभग 51 करोड स्क्वायर किलोमीटर में फैली हुई है | इसमें केवल 29 फ़ीसदी हिस्से में जमीन है यानी इस का कुल क्षेत्रफल है 15 करोड़ स्क्वायर किलोमीटर अब आप सोच रहे होंगे कि यह जो जमीन की बात हो रही है वह क्यों हुई है अभी हम आपको इसके टॉपिक के बारे में बताते हैं आज हम सुनाएंगे आपको एक धर्म का किस्सा एक ऐसा किस्सा जो कि जुड़ा हुआ है 35 एकड़ जमीन से यह 35 एकड़ जमीन जो जुड़ी हुई है एक विवादित जमीन से यह वह विवादित जगह है जिस पर दुनिया के 3 बड़े धर्म दावा करते हैं दावेदारी के चलते हुए अब तक कई युद्ध हुए | इस दावेदारी के चलते चिंताजनक बढ़ा तनाव आया जो कि अभी 10 मई को इस दुनिया की सबसे पुराने और सबसे पवित्र माने जाने वाले शहर पर रॉकेट दागे गए और इसके जवाब में हुई हवाई बमबारी और इस घटनाक्रम के चलते हुए सबकी जान सांसत में है दुनिया भर के नेता तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं दोनों के समर्थन में अलग-अलग है स्टेप चल रहे हैं|

यह मामला जेरूसलम का है वहां के पुराने हिस्से में एक पहाड़ी के ऊपर है फैला हुआ आयताकार कंपाउंड है जिसका क्षेत्रफल है 35 एकड़ इस कंपाउंड को यहूदी पुकारते हैं हरहवायर यह हिब्रू भाषा का वर्ल्ड है इस भाषा का अंग्रेजी वर्ल्ड है टेंपल माउंट और इसी परिसर को मुस्लिम बुलाते हैं हरम अल शरीफ एक ही जगह के अलग-अलग नाम क्यों इसकी वजह यह दोनों धर्म की मान्यताएं यहूदी मानते हैं इस जगह पर ईश्वर ने वह मिट्टी संजोए थी जिसे जिससे एडम का सृजन हुआ एडम माने वह पहला पुरुष जिससे इंसानों की भावी पीढ़ियां अस्तित्व में है यहूदियों की एक और मान्यता जुड़ी हुई है टेंपल माउंट से उनके एक पैगंबर थे अब्राहम |अब्राहम के दो बेटे थे इस्माइल और ईसाक | एक दफा ईश्वर ने अब्राहम से उसके बेटे ईसाक की बलि मांगी | यह बलि देने के लिए अब्राहम ईश्वर की बताई जगह पर पहुंचे | अब्राहम ईसाक बलि चढ़ाने ही वाले थे कि ईश्वर ने एक फरिश्ता भेजा | अब्राहम ने देखा फरिश्ता के पास एक भेड़ खड़ी है ईश्वर ने अब्राहम की भक्ति और श्रद्धा पर मोहर लगाते हुए ईसाक बलि बक्स दिया और उनकी जगह बलि देने के लिए भेड़ को भेजा | यहूदियों के मुताबिक बलिदान की वह घटना इसी टेंपल माउंट पर हुई थी इसीलिए इजराइल के राजा किंग सोलोमन ने 1000 ईसा पूर्व में भव्य मंदिर बनवाया यहूदी इसे कहते हैं फर्स्ट टेंपल आगे चलकर बेबीलोनियन सभ्यता के लोगों ने इसे नष्ट कर दिया तकरीबन 5 सदी बाद  516 ईसा पूर्व यहूदियों ने दोबारा इसी जगह पर एक मंदिर बनवाया जिसका नाम दिया गया सेकंड टेंपल इस मंदिर के अंदरूनी हिस्से को यही कहते हैं होली ऑफ होली पवित्र से पवित्र जहां आम यहूदियों को भी थी  पैर रखने की इजाजत नहीं केवल श्रेष्ठ पुजारी ही इसमें प्रवेश पाते थे | यह सेकंड टेंपल तकरीबन 600 साल तक वजूद में रहा | सन 70 में रोमन ने इस मंदिर को भी तोड़ दिया | लेकिन इस मंदिर की एक दीवार आज भी मौजूद है इसे कहते हैं वेस्टर्न वॉल | यह दीवार आज भी पुराने टेंपल के अहाते का हिस्सा मानी जाती है | यहूदी अपनी यह मान्यताएं जानते हैं लेकिन उन्हें यह नहीं पता वह अंदरूनी हिस्सा होली ऑफ होली वह दीवार के किस हिस्से में है किस हिस्से में स्थित था क्योंकि आम यहूदियों को वहां जाने की इजाजत नहीं थी इसीलिए वह आज भी धार्मिक यहूदी अहाते में पैर नहीं रखते वह वेस्टर्न वॉल के पास ही पूजा करते हैं | यह तो रही यहूदियों की बात