PM मोदी का ये गुजरात दौरा क्यों है खास?

प्रधानमंत्री मोदी 2 दिनों के लिए गुजरात के केवड़िया में रहेंगे। इस दौरान वे विकास परियोजनाओं की शुरुआत और उद्घाटन करेंगे। दूसरे दिन वे राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का हिस्सा बनेंगे जहां वे सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेंगे।

एकता दिवस परेड में ‘विविधता में एकता’ विषय पर आधारित झांकियाँ प्रदर्शित की जाएँगी।

परेड के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं: रामपुर हाउंड्स और मुधोल हाउंड्स जैसे विशेष रूप से भारतीय नस्ल के कुत्तों से युक्त बीएसएफ का मार्चिंग दस्ता।

प्रधानमंत्री एकता नगर में 1,140 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढाँचा और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य: पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना, सुगम्यता में सुधार और सतत विकास पहलों का समर्थन करना।

प्रधानमंत्री आरंभ 7.0 के समापन पर 100वें फाउंडेशन कोर्स के अधिकारी प्रशिक्षुओं से बातचीत करेंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 30-31 अक्टूबर को गुजरात के दौरे पर रहेंगे। 30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री केवड़िया के एकता नगर जाएँगे और शाम लगभग 5:15 बजे वहाँ ई-बसों को हरी झंडी दिखाएँगे। शाम लगभग 6:30 बजे, वे एकता नगर में 1,140 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न अवसंरचनात्मक और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

31 अक्टूबर को सुबह लगभग 8 बजे, प्रधानमंत्री स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे, जिसके बाद सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का आयोजन होगा। इसके बाद, सुबह लगभग 10:45 बजे, वे आरंभ 7.0 में 100वें कॉमन फाउंडेशन कोर्स के प्रशिक्षु अधिकारियों से बातचीत करेंगे।

पहला दिन – 30 अक्टूबर

प्रधानमंत्री एकता नगर में विभिन्न अवसंरचनात्मक और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना, सुगम्यता में सुधार लाना और क्षेत्र में सतत विकास पहलों को बढ़ावा देना है। 1,140 करोड़ रुपये से अधिक के कुल निवेश के साथ, ये परियोजनाएँ दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा के आसपास के क्षेत्र में इको-टूरिज्म, हरित गतिशीलता, स्मार्ट बुनियादी ढाँचे और आदिवासी विकास को बढ़ावा देने के सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।

जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा उनमें राजपीपला में बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय; गरुड़ेश्वर में आतिथ्य जिला (चरण-1); वामन वृक्ष वाटिका; सतपुड़ा सुरक्षा दीवार; ई-बस चार्जिंग डिपो और 25 इलेक्ट्रिक बसें; नर्मदा घाट विस्तार; कौशल्या पथ; एकता द्वार से श्रेष्ठ भारत भवन तक पैदल मार्ग (चरण-2), स्मार्ट बस स्टॉप (चरण-2), बांध प्रतिकृति फव्वारा, जीएसईसी क्वार्टर आदि शामिल हैं।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री भारत के शाही राज्यों के संग्रहालय; वीर बालक उद्यान; खेल परिसर; वर्षा वन परियोजना; शूलपाणेश्वर घाट के पास जेटी विकास; स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर ट्रैवलेटर्स सहित विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में 150 रुपये का एक विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी करेंगे।

दूसरा दिन – 31 अक्टूबर

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेंगे और सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। वे एकता दिवस की शपथ दिलाएँगे और एकता दिवस परेड का अवलोकन करेंगे।

परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के साथ-साथ विभिन्न राज्य पुलिस बलों की टुकड़ियाँ शामिल होंगी। इस वर्ष के मुख्य आकर्षणों में रामपुर हाउंड्स और मुधोल हाउंड्स जैसे विशेष रूप से भारतीय नस्ल के कुत्तों से युक्त बीएसएफ का मार्चिंग दस्ता, गुजरात पुलिस का घुड़सवार दस्ता, असम पुलिस का मोटरसाइकिल डेयरडेविल शो, और बीएसएफ का ऊँट दस्ता और ऊँट सवार बैंड शामिल हैं।

परेड में सीआरपीएफ के पाँच शौर्य चक्र विजेता और बीएसएफ के सोलह वीरता पदक विजेताओं को भी सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में असाधारण साहस का परिचय दिया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ कर्मियों को उनकी वीरता के लिए भी सम्मानित किया जाएगा।

इस वर्ष की राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में एनएसजी, एनडीआरएफ, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, मणिपुर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और पुडुचेरी की दस झाँकियाँ शामिल होंगी, जो ‘विविधता में एकता’ विषय पर आधारित होंगी। 900 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की समृद्धि और विविधता को दर्शाते हुए भारत के शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किए जाएँगे। इस वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का विशेष महत्व है क्योंकि राष्ट्र सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मना रहा है।

प्रधानमंत्री “आरंभ 7.0” के समापन पर 100वें फाउंडेशन कोर्स के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे। “आरंभ” का सातवाँ संस्करण “शासन की पुनर्कल्पना” विषय पर आयोजित किया जा रहा है। इस 100वें फाउंडेशन कोर्स में भारत की 16 सिविल सेवाओं और भूटान की 3 सिविल सेवाओं के 660 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल होंगे।